Saturday, July 04, 2020
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Religion
जानिए इस बार कितना पावन  है सावन

भारत में वसंत मास की तरह श्रावण मास का भी संपूर्ण जनमानस को बेसब्री से इंतजार रहता है जब चारों ओर मानसून के दौरान प्रकृति के साथ साथ तथा मानस पटल पर भी हरियाली छाने लगती है। श्रावण कृष्ण प्रतिपदा , 5 जुलाई की प्रातः 10 बजकर 15 मिनट पर आरंभ होकर सोमवार की सुबह 9ः 25 तक रहेगी, इसी लिए सावन का आरंभ 5 की बजाय 6 जुलाई से हो रहा है।

क्या देव भी पौराणिक काल में क्वारंटाइन होते थे?

हमारे देश में भगवान भी बीमार होते हैं और उनकी भी चिकित्सा की जाती है। ज्येष्ठ पूर्णिमा को भगवान जगन्नाथ को ठंडे जल से स्नान कराया जाता है। इस स्नान के बाद भगवान को ज्वर (बुखार) आ जाता है। 15 दिनों तक भगवान जगन्नाथ को एकांत में एक विशेष कक्ष में रखा जाता है। जहां केवल उनके वैद्य और निजी सेवक ही उनके दर्शन कर सकते हैं। इसे अनवसर कहा जाता है। देवताओं का यह 4 महीने का शयनकाल,वर्तमान समय का क्वारंटाइन जैसा ही लग रहा है।
हरिशयनी एकादशी, देवशयनी एकादशी, पद्मा एकादशी, पद्मनाभा एकादशी नाम से पुकारी जाने वाली एकादशी इस वर्ष 1 जुलाई  को आ रही है। इस दिन से गृहस्थ लोगों के लिए चातुर्मास नियम प्रारंभ हो जाते हैं।

कोरोना महामारी के बीच जगन्नाथ रथ यात्रा का आयोजन

अहमदाबाद। प्राचीन शहर पुरी में भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा का प्रारंभ हो गया है। सुप्रीम कोर्ट ने पहले कोरोना वायरस से फैली महामारी के चलते रथयात्रा पर रोक लगा दी थी, लेकिन बाद में कुछ शर्तों के साथ इसकी अनुमति दे दी। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार 500 से ज्यादा लोग रथ को नहीं खींच सकेंगे। सभी का कोरोना टेस्ट किया जाएगा और निगेटिव पाए जाने वालों को ही रथयात्रा में शामिल होने की अनुमति होगी। 

महाभारत में है काशी विश्वनाथ का वर्णन


काशी विश्वनाथ मंदिर का इतिहास अनादि काल से माना जाता है। यहां तक कि कई उपनिषदों में और महाकाव्य 'महाभारत' में इसका वर्णन मिलता है। इसके ज्ञात इतिहास की बात करें तो मोहम्मद गौरी ने 1194 ईस्वी में इस को ध्वस्त करने की नापाक कोशिश की थी। इतना ही नहीं 1447 ईस्वी में जौनपुर के मोहम्मद शाह नामक सुल्तान ने भी इसको तोडऩे की कोशिश की थी, लेकिन इसका महत्त्व और इसका सम्मान कभी कम नहीं हुआ।

हर किसी की चिंता हरती है चिंतपूर्णी

चिंतपूर्णी मंदिर शक्तिपीठ मंदिरों में से एक है इस स्थान को हिन्दुओ के प्रमुख धार्मिक स्थानों में से एक माना गया है। पूरे भारत मे शक्तिपीठ की संख्या 51 है इसमें से एक स्थान जहाँ सती का अंश चरण के रूप में यहाँ गिरे। शक्तिपीठ से तात्पर्य यह है कि जब माता सती के शरीर को विष्णु जी के सुदर्शन चक्र से 51 भागो में बांटा गया था उस समय जिस-जिस स्थान पर गिरे, उन्हें शक्तिपीठ का दर्जा दिया गया है। चिंतपूर्णी धाम हिमाचल प्रदेश में स्थित है उस स्थान पर प्रकृति का सुंदर नज़ारा यात्रियों का मनमोह लेता है।

सन्त निरंकारी मिशन ने मनीमाजरा के सरकारी अस्पताल को सौंपी 50 पीपीई किट

मनीमाजरा, 14  मई : आज सारा संसार करोना महामारी से लड़ रहा है। जिसमें सेहत विभाग के डाक्टर और सेहत कर्मचारियों का विशेष योगदान है जो कि सबसे आगे रहकर पूरे देश को इस महामारी से बचाने का हर संभव प्रयास कर रहे हैं। इन जरूरतों को ध्यान में रखते हुए संत निरंकारी मिशन की और से चैरिटेबल फाउंडेशन के सदस्यों ने 50 पी पी ई किट अस्पताल के एसएमओ डॉ  अरूण बंसल को सौंपी ।

इलाहाबाद के इस मंदिर में लेटे हुए हैं हनुमान जी

इलाहबाद ,25 नवंबर ( न्यूज़ अपडेट इंडिया ) पहला और एकमात्र मंदिर , हालाकि अब तो लेटे हनुमान जी के कई मंदिर पूरे भारत में स्‍थापित हो चुके हैं परंतु इलाहाबाद में यमुना के तट पर बना बड़े हनुमान जी का मंदिर एकमात्र सबसे प्राचीन मंदिर है जहां पवनपुत्र शयनमुद्रा में दिखाई देते हैं। इस मंदिर का महत्‍व इसलिए भी बढ़ जाता है क्‍योंकि इसका विवरण वेदव्‍यास रचित पुराणों में में भी प्राप्त होता है। इस मंदिर का एतिहासिक महत्‍व भी है।

एक बार जरूर करें देवी के शक्‍तिपीठ महालक्ष्मी मंदिर कोल्हापुर के दर्शन

कोल्हापुर ,25 नवंबर ( न्यूज़ अपडेट इंडिया ): कोल्‍हापुर का श्री महालक्ष्मी मंदिर माता के 108 शक्ति पीठों में से एक है। यदि इतिहास में दर्ज तथ्यों की मानें तो इस मंदिर का निर्माण सातवीं शताब्‍दी में चालुक्य वंश के राजा कर्णदेव ने करवाया था। ऐसी मान्‍यता है कि इस मंदिर में स्‍थापित माता लक्ष्मी की प्रतिमा लगभग 7,000 साल पुरानी है। मंदिर के अन्दर नवग्रहों सहित, भगवान सूर्य, महिषासुर मर्दिनी, विट्टल रखमाई, शिवजी, विष्णु, तुलजा भवानी आदि अनेक देवी देवताओं के भी पूजा स्थल मौजूद हैं। इन देवी देवताओं की प्रतिमाओं में से कुछ तो 11 वीं सदी की भी बताई जाती हैं। हालांकि कुछ हाल के दौर की ही हैं। इसके अलावा मंदिर के आंगन में मणिकर्णिका कुंड पर विश्वेश्वर महादेव मंदिर भी स्थित है।

घर लाएं श्री गणेश की ऐसी मूर्ति, कभी नहीं होगी धन की कमी

धर्म डेस्क,23 नवंबर ( न्यूज़ अपडेट इंडिया ) : पुराणों में गणपति तो विघ्नहर्ता और हर्त नामों से जाना जाता है। माना जाता है श्री गणेश की मूर्ति घर रखने पर हर मुसीबतों से निजात मिल जाता है। कई बार होता है कि हम गणेश जी की ऐसी तस्वीर घर ले आते है। जो कि हमारे लिए मुसीबत बनकर आती है। वास्तु के अनुसार माना जाता है कि जिस तरह गहमारे घर में मौजूग हर चीज नकारात्मक और सकारात्मक ऊर्जा निकलाती है। वैसे ही श्री गणेश की तस्वीर शुभ या अशुभ साबित हो सकती है।

विवाह पंचमी: इस दिन हुआ था भगवान राम-सीता का विवाह, पूजा करने से मिलेंगे ये लाभ 

धर्म डेस्क,23 नवंबर ( न्यूज़ अपडेट इंडिया ) : मार्गशीर्ष शुक्ल की पंचमी को विवाह पंचमी मनाई जाती है। इस दिन भगवान राम-सीता का शुभ विवाह हुआ था। जिसके कारण इसके श्री राम के विवाहोत्सव के रुप में मनाई जाती है। इस बार विवाह पंचमी 23 नवंबर, गुरुवार को है।

शुक्रवार को करें चमेली के फूल से ये उपाय, शुक्र दोष से निजात मिलने के साथ होगी हर इच्छा पूरी

दिल्ली ,16 नवंबर ( न्यूज़ अपडेट इंडिया ) पूजा में चमेली के फूल का इस्तेमाल होते तो आपने देखा होगा, लेकिन एक जड़ी-बूटी के रूप में इसका क्या उपयोग हो सकता है, कैसे यह आपको फायदा दिला सकता है। भारत में चमेली का पौधा हर जगह पाया जाता है। वैसे तो अधिकतर जगहों पर सफेद रंग के फूल वाला चमेली का पौधा देखने को मिलता है, लेकिन कहीं-कहीं पर पीले रंग की फूलों वाली चमेली की बेल भी पायी जाती है।

शनि अमावस्या 2017: बन रहा है खास योग, बीमारियों से निजात पाने के लिए अपनाएं ये उपाय

दिल्ली ,16 नवंबर ( न्यूज़ अपडेट इंडिया ) शास्त्रों में शनिश्चरी और सोमवती इन दो अमावस्याओं का बहुत ही महत्व है। किसी भी महीने की अमावस्या जब शनिवार के दिन पड़ती है तो वह शनिश्चर अमावस्या कहलाती है। इसलिए आज शनिवार होने के कारण यह शनिश्चरी अमावस्या है। इस बार खास बात ये है कि आज के दिन विशाखा नक्षत्र भी है।

शास्त्रों के मुताबिक रविवार के दिन सरसों के तेल से सिर पर मालिश करना है अशुभ, जानिए क्यों 

नई दिल्ली,12 नवंबर ( न्यूज़ अपडेट इंडिया ) : ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक हफ्तें के सातों दिन सौरमंडल के किसी न किसी ग्रह से जुड़े होते हैं। इन ग्रहों का अपने से संबंधित दिनों पर एक विशेष प्रभाव पड़ता है। इसलिए अक्सर यह बात कही जाती है कि जिस दिन जो ग्रह प्रभावी है उसी दिन के अनुकूल काम करने चाहिए वर्ना शास्त्र के मुताबिक इसके कई घातक परिणाम हो सकते हैं। ज्योतिष शास्त्र की मानें तो सौरमंडल में मैजूद हर ग्रह की अपनी एक विशेषता होती है। खासकर ये बात शास्त्रों में उल्लेखनीय है कि कौन सा ग्रह मनुष्य को कैसा फल प्रदान करेगा एंव अगर आप ग्रह के मुताबिक काम नहीं करते हैं तो किस प्रकार से आपको दंड मिलेगा। इसलिए ऐसे में सबसे जरूरी चीज यह है कि हमें पता होना चाहिए कि हमें किस दिन कौन सा कार्य करना चाहिए ?

14 नवंबर आपके लिए हो सकता है खास, इन दिन ये उपाय कर पाएं मनवांछित फल

नई दिल्ली, 12 नवंबर ( न्यूज़ अपडेट इंडिया ) उत्पन्ना एकादशी आज मार्गशीर्ष मास के कृष्णपक्ष की एकादशी है, जिसे उत्पन्ना एकादशी के नाम से भी जाना जाता है।  माना जाता है कि इसी एकादशी से साल भर के एकादशी व्रत की शुरुआत की जाती है।

क्या आपको भी रात में आते हैं बुरे और डरावने सपने, करें ये उपाय एक मंदिर ऐसा भी : जहां मुर्दे भी हो जाते हैं जीवित भैरवाष्टमी में करें पूजन, क्रूर ग्रह और शनि का प्रकोप होगा शांत इन सामान को उधार लेने से बचें, हो सकता है भारी नुकसान 90 साल में बनकर तैयार हुई थी दुनिया की सबसे बड़ी गौतम बुद्ध की मूर्ति 4 नंवबर है सभी के लिए बहुत ही खास, इस दिन ये उपाय कर भरे अपनी तिजोरियां  देव के जगने के बाद नहीं होगे शुभ कार्य, जानिए कब-कब है विवाह के शुभ मुहूर्त देवोत्‍थान एकादशी : नींद से जागेंगे भगवान, मंगलवार से शुरू करें मंगल कार्य देवोत्‍थान एकादशी पर शुभ होता है तुलसी व‍िवाह व पूजन, जानें इसका महत्‍व और कथा रावण का मंदिर, जहां पूजनीय हैं रामायण के सभी पात्र तुलसी जी के 8 नाम, जो पूर्ण करते हैं पूजन और देते हैं पुण्य आज से शुरु हो चुका है रोग पंचक, भूलकर भी 3 नंवबर तक न करें ये काम अक्षय नवमी: घर पर लगाएं इस दिशा में आंवला का पेड़, होगे रुके हुए हर काम पूरे बाल्यावस्था में हनुमान जी को मिला श्राप, बल एवं तेज हो गया कम शनि ने किया राशि परिवर्तन, कुप्रभावों से बचने के लिए समझें प्रकृति के इशारे छठ पूजा के समय राशिनुसार करें ये उपाय, चमक जाएगी आपकी किस्मत सूर्य को अर्ध्य करते समय करें ये उपाय, होगी हर इच्छा पूरी जानिए किस दिशा में किस रंग की वस्तु रखने से मिलेगा विशेष लाभ 4 दिन चलने वाले इस पर्व में जानें कब क्या होता है छठ पूजा में ऐसे बनाएं लजीज ठेकुआ भूलकर भी छठ पूजा के दिनों में न करें ये काम, मिलेगा अशुभ फल  छठ पूजा इन चीजों के बिना है अधूरा, पूजा के समय जरुर रखें साथ दिवाली पर बनाएं ये शानदार डिजाइन, रंगोली देख माता लक्ष्मी होती है प्रसन्न हनुमान जयंती 2017: जानिए पूजन विधि, शुभ मुहूर्त और महत्व धनतेरस 2017 पूजा विधि और शुभ मुहूर्त: जानें क्या है आपके शहर में लक्ष्मी पूजन का समय धनतेरस के दिन सोना-चांदी खरीदना क्यों माना जाता है शुभ धनतेरस 2017: किस दिन मनाया जाएगा धनतेरस का शुभ दिन धन के देवता कुबेर के बारे में वो बातें जो आपको मालूम नहीं होंगी क्यों लगाते हैं माथे पर तिलक, जानें इसके जबरदस्त फायदे यहां आज भी कान्हा रास रचाते हैं, देखना मना है