Thursday, January 18, 2018
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Chandigarh

हुड्डा ने उठाए मनोहर और केजरीवाल की बैठक पर सवाल

November 16, 2017 12:23 PM

चंडीगढ़,16 नवंबर ( न्यूज़ अपडेट इंडिया ) । पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने मुख्यमंत्री मनोहर लाल के दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजीरवाल की मुलाकात पर सवाल उठाए हैैं। उन्होंने कहा कि केजरीवाल सिर्फ चर्चाओं में बने रहना चाहते हैैं। उन्हें समस्या अथवा उसके समाधान से कोई मतलब नहीं है। इस मुलाकात से समस्या तो हल नहीं होगी, लेकिन समय जरूर खराब हुआ है। उन्होंने प्रदूषण के लिए हरियाणा से अधिक दिल्ली को जिम्मेदार ठहराया।

प्रदूषण के लिए हरियाणा से अधिक दिल्ली को ठहराया जिम्मेदार

हुड्डा ने किसानों का खुला समर्थन किया। उन्होंने कहा कि पराली जलाने के लिए किसानों की बजाय सरकार पर ही जुर्माना होना चाहिए, क्योंकि उसने आज तक पराली निस्तारण के पुख्ता बंदोबस्त नहीं किए हैैं। सरकार को चाहिए कि वह किसानों को पराली उठाने के लिए 250 रुपये प्रति क्विंटल आर्थिक सहयोग दे, ताकि किसानों पर बोझ न पड़े।

कहा-कैप्टन अमरिंदर का सही फैसला, मनोहर को नहीं मिलना चाहिए था केजरीवाल से

हुड्डा ने कहा, केजरीवाल की दूसरों पर आरोप मढऩे की आदत है। केजरीवाल ने पूर्व में पानी के मसले पर उनसे भी मिलने का समय मांगा था, लेकिन मैंने नहीं दिया, क्योंकि वे समस्या का समाधान नहीं कर सकते। इस लिहाज से पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने केजरीवाल के साथ मीटिंग नहीं करने का फैसला लेकर सही किया है। मनोहर लाल को भी केजरीवाल के साथ बैठक नहीं करनी चाहिए थी।

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हुड्डा ने कहा कि वायु प्रदूषण के लिए पराली तो छोटी बात है, जबकि सच्चाई यह है कि दिल्ली की फैक्टरियां, निर्माण कार्य और डीजल के वाहनों से अधिक प्रदूषण फैल रहा है। केजरीवाल पहले अपने राज्य में इन चीजों पर रोक लगाएं। दिल्ली नगर निगम द्वारा सड़कों की सफाई भी बिना पानी का छिड़काव किए की जाती है।

भ्रष्टाचार में शामिल भाजपाइयों को बचा रही सरकार

हुड्डा ने भ्रष्टाचार के मुद्दे पर भाजपा सरकार को घेरते हुए कहा कि सरकार विरोधियों को बिना सबूत के झूठे मुकदमों में फंसा रही है, जबकि भ्रष्टाचार में लिप्त अपनी पार्टी के नेताओं को बचा रही है। हुड्डा ने कहा कि भाजपा नेताओं के भ्रष्टाचार में शामिल होने के दर्जनों मामले सामने आ चुके हैं लेकिन सरकार उन्हें बचाने में जुटी है। एचएसआइआइडीसी के मुख्य समन्वयक (उद्योग) के पद पर नियुक्त किए गए सुनील शर्मा के फर्जी दस्तावेज का मामला सामने आने के बाद भी सरकार उन्हें बचा रही है। सरकार को मीटर, धान और डाडम खान घोटालों की जांच करानी चाहिए।



 
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