Chandigarh

अब अशोक खेमका ने मंत्री बेदी को पढ़ाया नैतिकता का पाठ

October 07, 2017 08:43 PM

चंडीगढ़, 07 अक्तूबर ( न्यूज़ अपडेट इंडिया )। हरियाणा के चर्चित आईएएस अधिकारी अशोक खेमका एक बार फिर से अपने ही विभाग के मंत्री से भिड़ गए हैं। अशोक खेमका ने मंत्री कृष्ण बेदी को एक पत्र लिखकर अपने विभाग के जूनियर अधिकारी का सरकारी वाहन लौटाने के लिए कहा है। यह वाहन समाज कल्याण मंत्री के कैंप कार्यालय में इस्तेमाल किया जा रहा है। हरियाणा सिविल सचिवालय में अशोक खेमका के इस पत्र की चर्चा चारों तरफ है।


जूनियर अधिकारी की जीप इस्तेमाल कर रहे मंत्री कृष्ण बेदी
अशोक खेमका ने पत्र लिखकर जीप लौटाने को कहा
जीप देने से लॉगबुक अपडेट करने का दिया सुझाव 


अशोक खेमका इन दिनों समाज कल्याण विभाग में प्रधान सचिव के पद पर तैनात हैं। खेमका को इस पद का कार्यभार संभाले अभी ज्यादा समय नहीं हुआ है कि उनके विभाग में अंबाला में तैनात जिला समाज कल्याण अधिकारी की गाड़ी को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। अंबाला के डीएसडब्ल्यूओ को विभाग द्वारा जीप नंबर एचबार-70-यू-0066 अलाट की गई है। यह जीप पिछले कई दिनों से हरियाणा के समाज कल्याण मंत्री कृष्ण बेदी के कैंप ऑफिस में इस्तेमाल हो रही है। जिसके चलते अशोक खेमका ने कृष्ण बेदी को एक पत्र लिखकर अपने ही जूनियर अधिकारी को ‘बे-कार’ कर दिया है।
वर्ष 2012 के दौरान यूपीए अध्यक्षा सोनिया गांधी के दामाद राबर्ट वाड्रा व डीएलएफ के बीच हुई लैंड डील को बेनकाब करके चर्चा में आए थे। वर्तमान सरकार में भी खेमका के कई विवाद सार्वजनिक हो चुके हैं। 
मंत्री को पत्र लिखने से पहले अशोक खेमका ने अपने विभाग के निदेशक को भी इस मामले में हस्तक्षेप करने के लिए कहा था। इस मामले में जब कोई सकारात्मक जवाब नहीं मिला तो अशोक खेमका एक पत्र के माध्यम से मैदान में कूद गए।
अशोक खेमका ने पत्र में कहा है कि सरकारी खजाने के माध्यम से डीएसडब्ल्यूओ को अलाट किए वाहन, पैट्रोल,वाहन के रख-रखाव तथा चालक के वेतन पर आने वाला खर्च वहन किया जाता है। खेमका ने मंत्री कृष्ण बेदी को सीधे तौर पर लिखित संबोधन में गया है कि राज्य मंत्री होने के नाते मंत्री कार शाखा द्वारा आपको को दो वाहन तथा अन्य अमला अलाट किया गया है। इसके बावजूद अगर आपको वाहन की जरूरत है तो आप जिम्मेदार अधिकारियों के माध्यम से अतिरिक्त वाहन अलाट करवा सकते हैं, क्योंकि आप प्रदेश के राज्य मंत्री हैं।
अपने ही विभाग के मंत्री को लिखे पत्र में अशोक खेमका ने उन्हें नैतिकता का पाठ पढ़ाते हुए कहा है कि मजबूत को कमजोरों की रक्षा करनी चाहिए। चरित्र की ताकत कानून के शासन के पालन में है इसके उलंघन में नहीं। इस पत्र में कई तीखे शब्दों का इस्तेमाल करने के बाद अशोक खेमका ने मंत्री को कहा है कि वह आपसे जूनियर अधिकारी को अलाट की गई जीप तुरंत वापस करें। इसके साथ ही अशोक खेमका ने मंत्री को सुझाव दिया है कि वह जीप वापस देने से पहले उनके पास रहने वाली अवधि के दौरान जीप की लॉगबुक को अपडेट करें।
इस बारे में टिप्पणी करते हुए हरियाणा के समाज कल्याण मंत्री कृष्ण कुमार बेदी ने कहा कि उनका इस वाहन से कोई सरोकार नहीं है। निदेशक के माध्यम से जैसे ही उनके संज्ञान में यह मामला आया तो संबंधित अधिकारियों को यह गाड़ी अंबाला के अधिकारी को वापस लौटाने के निर्देश जारी कर दिए हैं। उन्होंने कहा कि अंबाला में नियमित डीएसडब्ल्यूओ का पद रिक्त होने के कारण यह गाड़ी खाली थी। इसलिए उसे इस्तेमाल किया गया था लेकिन जैसे ही इस पद पर नियमित नियुक्ति हुई तो संबंधित अधिकारी को गाड़ी लौटा दी गई।   


पहले भी मंत्री करते रहे हैं अधिकारियों की गाडिय़ों का इस्तेमाल
हरियाणा में विभागीय अधिकारियों के नाम अलाट हुई गाडिय़ों को मंत्रियों द्वारा इस्तेमाल करने की यह पहली घटना नहीं है। पूर्व की सरकारों में भी इस तरह के काम होते रहे हैं। यही नहीं वर्तमान सरकार में इस समय कई मंत्रियों द्वारा अपने काफिले में अथवा कैंप ऑफिस में विभागीय अधिकारियों के नाम से अलाट गाडिय़ों का इस्तेमाल किया जा रहा है।

 
Have something to say? Post your comment