Religion

अक्षय नवमी: घर पर लगाएं इस दिशा में आंवला का पेड़, होगे रुके हुए हर काम पूरे

October 29, 2017 11:10 AM

दिल्ली ,28 अक्तूबर ( न्यूज़ अपडेट इंडिया ) :  कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष नवमी को आंवला नवमी मनाया जाता है। जो कि आज है। इस दिन आंवले के पेड़ की पूजा की जाती है। आंवले के पेड को भगवान विष्णु का साक्षात स्वरुप माना जाता है। इसलिए इस दिन इस पेड़ की पूजा कर इसके नीचे बैठकर भोजन करना शुभ माना जाता है। आंवले का फल खाने के साथ ही आज के दिन आंवले का वृक्ष लगाना भी चाहिए। वास्तु के अनुसार आंवले का वृक्ष घर में लगाना बहुत ही शुभ माना जाता है। आंवले के वृक्ष को घर की पूर्व दिशा में लगाना अच्छा रहता है। इस दिशा में आंवले का वृक्ष लगाने से सकारात्मक ऊर्जा  का प्रवाह होता है। अगर आप पूरा वृक्ष नहीं लगा सकते तो आज के दिन केवल आंवले की टहनी या उसकी पत्तियां घर में जरूर लानी चाहिए। फिर बाद में कभी आंवले का पेड़ भी लगा लीजियेगा। आज के दिन आंवले की टहनी या उसकी पत्तियां घर में लाने से धन-सम्पदा में बढ़ोतरी होती है और साथ ही यश व ज्ञान की प्राप्ति भी होती है । माना जाता है कि आंवले के पेड़ के नीचे के भाग में ब्रह्मा जी, बीच में श्री विष्णु और तने में महेश, यानी शिव जी का वास होता है। जिन दम्पतियों के बीच अब पहले जैसा प्यार नहीं रहा है, बात-बात पर झगड़े होते रहते हैं और रिश्तों की डोर धीरे-धीरे करके कमजोर पड़ रही है, उन्हें आज के दिन आंवले के पेड़ के तने पर सात बार सूत का धागा लपेटना चाहिए। सूत का धागा बांधने के बाद घी और कपूर से वृक्ष की आरती करें। ऐसा करने से आपके रिश्ते की डोर मजबूत होगी और संबंध प्रगाढ़ होंगे। अक्षय नवमी के साथ ही आज से विष्णु त्रिरात्रि भी शुरू हो गई है। निर्णयसिन्धु के पृष्ठ 204 के अनुसार कार्तिक शुक्ल पक्ष की नवमी से हरि, यानी श्री विष्णु की स्वर्णिम प्रतिमा के साथ तुलसी की तीन दिनों तक पूजा की जाती है। उसके बाद विष्णु प्रतिमा का दान किया जाता है। और तुलसी व हरि का विवाह सम्पादन किया जाता है। उड़ीसा में इस दिन जगतधात्री पूजा भी की जाती है।

 
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