Tuesday, April 13, 2021
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Haryana

हरियाणा में पहली से आठवीं तथा नौवीं व 11वीं की परीक्षा 26 मार्च से

March 23, 2021 05:44 PM

चंडीगढ़। हरियाणा सरकार ने नौवीं तथा ग्यारहवीं के कोरोना पॉजिटिव बच्चों को वार्षिक परीक्षा में छूट देते हुए कहा है कि ऐसे बच्चों की परीक्षा का आयोजन स्कूल प्रबंधन द्वारा बाद में अलग से किया जाएगा। कोरोना पॉजिटिव विद्यार्थी सामान्य बच्चों के साथ परीक्षा नहीं देंगे। हरियाणा में पहली कक्षा से लेकर आठवीं तथा नौंवी व ग्याहरवीं कक्षा की वार्षिक परीक्षाएं 26 मार्च से शुरू होने जा रही है। जिसे लेकर शिक्षा निदेशालय ने प्रदेश के सभी जिला शिक्षा अधिकारियों, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों तथा अन्य संबंधित अधिकारियों को गाइडलाइन जारी कर दी है। इस गाइडलाइन को लेकर अध्यापक संगठन हसला ने आपत्ति भी जता दी है।

निदेशालय ने जारी की परीक्षा के लिए गाइडलान
नौवीं, ग्यारहवीं के कोरोना पॉजिटिव बच्चो को परीक्षा से छूट


हरियाणा शिक्षा निदेशालय द्वारा जारी गाइडलाइन के अनुसार प्रदेश में 26 मार्च से पहले से आठवीं तथा  नौवीं व ग्यारहवीं कक्षा की परीक्षाएं शुरू होने जा रही हैं। जिसके लिए विद्यालयों का समय सुबह 9.30 से दोपहर एक बजे तक रखा गया है। विद्यालय में केवल उन्हीं विद्यार्थियों को एंट्री दी जाएगी जिनकी परीक्षा होगी। शिक्षा निदेशालय ने कहा है कि यदि कोई नौवीं तथा ग्यारहवीं कक्षा का विद्यार्थी कोरोना पॉजिटिव आता है तो उसकी कोरोना रिपोर्ट नेगेटिव आने के बाद विद्यालय प्रबंधन द्वारा अपने स्तर पर परीक्षा ली जाएगी। अगर पहली तथा दूसरी कक्षा का कोई विद्यार्थी कोरोना पॉजिटिव आता है तो संबंधित अध्यापक ऐसे बच्चे को स्कूल न बुलाकर ऑनलाइन या फोन के माध्यम से घर बैठे ही परीक्षा लेगा।
शिक्षा निदेशालय द्वारा जारी पत्र के अनुसार नौवीं तथा ग्यारहवीं कक्षा के जिन विद्यार्थियों में कोरोना के लक्षण पाए जाते हैं तो उनके लिए अलग से कमरे की व्यवस्था करके अलग परीक्षा आयोजित की जाए। सरकार के इसी निर्देश पर हरियाणा स्कूल लैक्चरर एसोसिएशन (हसला) ने आपत्ति जताई है।

हसला के प्रेस सचिव अजीत चंदेलिया के अनुसार जिन बच्चों में कोरोना के लक्षण पाए जाते हैं उनकी परीक्षा को लेकर भी वैकल्पिक व्यवस्था की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि ऐसे बच्चों की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन अध्यापकों द्वारा किया जाएगा। इसके अलावा कई अध्यापक उत्तर पुरस्तिका व प्रश्न पत्र के माध्यम से भी ऐसे बच्चों के संपर्क में आएंगे। जिससे उनमें भी कोरोना संक्रमण का खतरा बन सकता है। हसला के अनुसार सरकार इस निर्देश को वापस लेते हुए दोबारा गाइडलाइन जारी करे।

 
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