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प्रदेश में बेरोज़गारी, महंगाई और भ्रष्टाचार बढ़ाने की नीति पर काम कर रही है सरकार- हुड्डा

February 22, 2021 08:19 PM

चंडीगढ़। प्रदेश की गठबंधन सरकार बेरोज़गारी, महंगाई और भ्रष्टाचार बढ़ाने की नीति पर काम कर रही है। ये कहना है पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा का। हुड्डा आज चंडीगढ़ में पत्रकार वार्ता को संबोधित कर रहे थे। इस मौक़े पर उन्होंने सबसे पहले किसान आंदोलन का ज़िक्र करते हुए कहा कि सरकार को जल्द आंदोलन का समाधान निकालना चाहिए। सरकार को अपनी तरफ से दो कदम आगे बढ़ाते हुए किसानों से बात कर उनकी मांगे माननी चाहिए।

हुड्डा ने कहा कि बिजली महकमे की एसडीओ भर्ती ने साबित कर दिया है कि नौकरियों में प्रदेश के युवाओं को 75% आरक्षण का फैसला महज जुमला है। एक तरफ सरकार दावा करती है कि वो प्राइवेट नौकरियों में भी हरियाणवियों को आरक्षण देगी। जबकि, सरकार खुद की भर्तियों में स्थानीय युवाओं की बजाय अन्य राज्यों के 75 प्रतिशत लोगों को नौकरी दे रही है। एक बार फिर एसडीओ भर्ती में सरकार ने हरियाणा की प्रतिभाओं को दरकिनार करते हुए अन्य राज्य के युवाओं को तरजीह दी है। सामान्य श्रेणी के 90 पदों के लिए 99 लोगों का चयन हुआ है। 9 लोग वेटिंग लिस्ट में है। लेकिन इन 99 में से सिर्फ 22 युवा हरियाणा के हैं।

हुड्डा ने कहा कि सामान्य श्रेणी के बाद बीजेपी-जेजेपी सरकार अब आरक्षित श्रेणी ‘एससी और बीसी’ के साथ भी बहुत बड़ा खिलवाड़ कर रही है। सरकार ने हरियाणा डोमिसाइल के लिए 15 साल रिहायश की लिमिट घटाकर अब 5 साल कर दी है, यानी कोई भी व्यक्ति 5 साल तक हरियाणा में रहकर यहां का डोमिसाइल हासिल कर सकता है। इसका सीधा असर हरियाणा में एससी और बीसी वर्गों के हितों पर पड़ेगा। क्योंकि, अन्य राज्य के लोग यहां का डोमिसाइल हासिल करके आरक्षित श्रेणी की नौकरियों में भी अप्लाई कर सकेंगे।

भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि सरकार की नीतियों के चलते प्रदेश में नौकरियां खत्म होती जा रही हैं। सरकार एक के बाद एक भर्तियों को रद्द कर रही है। पहले ग्राम सचिव, फिर पीजीटी संस्कृत और अब टीजीटी इंग्लिश की भर्ती भी रद्द कर दी। सरकार की अनियमितताओं और पेपर लीक घोटाले का खामियाजा पढ़े-लिखे युवाओं को भुगतना पड़ रहा है। नौकरी हटाओ नीति के तहत मौजूदा सरकार ने पीटीआई, ड्राइंग टीचर्स और स्पोर्ट्स कोटे के ग्रुप-डी कर्मचारियों को नौकरी से हटाने का काम किया। इसके अलावा अलग-अलग महकमों से लगातार कच्चे कर्मचारियों की छटनी पहले से ही की जा रही है।

हुड्डा ने कहा कि राजस्व हासिल करने के लिए प्रदेश सरकार लगातार पेट्रोल-डीज़ल पर वैट बढ़ाने में लगी है। हुड्डा ने याद दिलाया कि उनके कार्यकाल के दौरान हरियाणा में डीजल सबसे सस्ता था, क्योंकि उसपर वैट की दर सिर्फ 9.2 प्रतिशत थी। लेकिन, अब वो लगभग डबल हो चुकी है। सरकार को लोगों की परेशानी समझनी चाहिए और उसे महंगाई बढ़ाने की बजाए घोटालों पर नकेल कसनी चाहिए। घोटाले रुकेंगे तो प्रदेश की आमदनी अपने आप बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि नंवबर 2020 में ज़हरीली शराब पीने से 40-50 लोगों की मौत हो गई थी। प्रदेश में बड़ा शराब घोटाला सामने आया था। एसआईटी ने इसकी जांच रिपोर्ट सरकार को सौंप दी है। लेकिन, सरकार उसे सार्वजनिक करने को तैयार नहीं है। इसी तरह रजिस्ट्री घोटाले की रिपोर्ट को भी सरकार अलमारी में दबाकर बैठ गई है।

 
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