Haryana

ग्राम सचिव पेपर लीक होने पर एनएसयूआई ने एचएसएससी कार्यालय घेरा

January 18, 2021 11:06 PM

चंडीगढ़। हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग द्वारा ग्राम सचिव तथा अन्य कई परीक्षाओं को रद्द किए जाने के विरोध में सोमवार को छात्र संगठन एनएसयूआई के कार्यकर्ताओं ने आयोग के कार्यालय का घेराव किया। काफी देर तक हुए हंगामे के बीच पुलिस एनएसयूआई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया। देरशाम उन्हें पुलिस थाने से छोड़ा गया।
प्रदर्शन की अगुवाई कर रहे एनएसयूआई हरियाणा के अध्यक्ष दिव्यांशु बुद्धिराजा ने हरियाणा सरकार से दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग करते हुए कहा कि अब हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग को संभालना चेयरमैन भारत भूषण भारती के बस की बात नही रह गई है इसलिए सरकार को चाहिए कि वह चेयरमैन व बोर्ड के सभी सदस्यों को तुरंत प्रभाव से पदमुक्त करे।
बुद्धिराजा ने कहा कि पिछले कुछ सालों में अब तक एचएसएससी द्वारा आयोजित की गई क्लर्क भर्ती, नायाब तहसीलदार, कृषि इंस्पेक्टर, कंडक्टर भर्ती, पीटीआई, आईटीआई इंट्रक्टर एवं वर्तमान में ग्राम सचिव समेत करीब 30 परीक्षाओं के पेपर लीक हो चुके हैं।

एनएसयूआई अध्यक्ष समेत दर्जनों को पुलिस ने हिरासत में लिया


एचएसएससी द्वारा सीक्रेसी पर सालाना करोड़ो रुपए खर्च करने के बावजूद पेपर लीक का सिलसिला रुकने का नाम नही ले रहा है। उन्होंने सभी पेपर लीक मामलों की जांच हाइकोर्ट के वर्तमान न्यायाधीशों का विशेष न्यायिक आयोग बनाकर करवाने की मांग करते हुए कहा कि इन घटनाओं में लाखों युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ किया गया है।
बुद्धिराजा ने कहा कि एचएसएससी युवाओं पर से अपना विश्वास पूरी तरह से खो चुका है। दिव्यांशु ने सवाल उठाया कि एचएसएससी द्वारा भविष्य में आयोजित की जाने वाली परीक्षाओं के पेपर लीक नहीं होंगे, इसकी क्या गारंटी है। बुद्धिराजा ने कहा कि एक तरफ जहां हरियाणा पिछले साल से लगातार बेरोजगारी में नंबर वन पर है वहीं अब हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग भी अब नौकरी की मंडी बन चुका है। जहां लाखों में नौकरियां बेचकर दिन-रात प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले हरियाणा के काबिल युवाओं के साथ बहुत बड़ा विश्वासघात किया जा रहा है।
इस हंगामे दौरान एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने एचएसएससी कार्यालय के बाहर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने जब कार्यालय की तरफ कूच किया तो पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। कई घंटे तक युवाओं को पंचकूला के अलग-अलग थानों में बंद रखने के बाद देरशाम छोड़ा गया।

 
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