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हरियाणा में नाबार्ड की मदद से चलेगी माइक्रो इरीगेशन योजना:मनोहर लाल

January 07, 2021 12:22 PM

चंडीगढ़। हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि प्रदेश के हर खेत को पानी पहुंचाने के उद्देश्य से एक नई माइक्रो इरीगेशन योजना शुरू की गई है। पहले चरण में इस योजना के तहत चार जिलों-भिवानी, दादरी, महेंद्रगढ़ और फतेहाबाद को शामिल किया गया है। नाबार्ड ने भी इस योजना पर सब्सिडी देने पर सहमति जताई है। इस योजना के तहत कम से कम 25 एकड़ या इससे अधिक जमीन का कलस्टर बनाने वाले किसानों को सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली के जरिए पानी मुहैया करवाया जाएगा। इसके लिए जल्द ही एक पोर्टल बनाकर इच्छुक किसानों से आवेदन मांगे जाएंगे।
मुख्यमंत्री बुधवार को यहां राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) द्वारा ‘किसानों की आय में वृद्धि के लिए कृषि उत्पादों का समूह’ विषय पर आयोजित स्टेट क्रेडिट सेमिनार 2020-2021 के दौरान बोल रहे थे। मनोहर लाल ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत विभिन्न क्षेत्रों के लिए 20 लाख करोड़ रुपये का जो राहत पैकेज दिया है उसमें से हमें कम से कम 80 हजार करोड़ रुपये की परियोजनाएं प्रदेश में लेकर आनी हैं ताकि लोगों का जीवन बेहतर हो सके।


25 एकड़ जमीन का कलस्टर बनाने वाले किसानों को मिलेगा लाभ
पोर्टल के माध्यम से सरकार मांगेगी आवेदन
नाबार्ड ने आयोजित किया स्टेट क्रेडिट सेमिनार

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रगतिशील किसानों का मूल्यांकन 8-10 मानकों के आधार पर किया जाएगा जिसके लिए एक पोर्टल बनाया जाएगा। इन किसानों के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि ऐसा एक किसान आगे कम से कम 10 किसानों को प्रगतिशील किसान बनने के लिए प्रोत्साहित करे। उन्होंने कहा कि खेती से जुड़ी हर सहायक गतिविधि की लिस्ट बनाकर इसके लिए अलग से योजना बनाई जाए और ‘एक जिला एक उत्पाद’ के हिसाब से कार्य किया जाए। उन्होंने बैंक प्रतिनिधियों से मुखातिब होते हुए कहा कि लगभग 400-500 गांवों में किसी बैंक की शाखा नहीं है।

ऐसे गांवों में भी बैंकिंग सुविधाएं पहुंचाने की जरूरत है। इसके लिए 5 गांवों पर एक मोबाइल वैन की व्यवस्था की जा सकती है। प्रदेश में अब तक 486 एफपीओ बनाए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सूचना प्रौद्योगिकी के माध्यम से सुशासन स्थापित करने की दिशा में अनेक ठोस कदम उठाए गए हैं। इसी कड़ी में, प्रदेश के तकरीबन सात हजार गांवों में से 42 को छोडक़र सभी गांवों के राजस्व रिकॉर्ड के डिजिटलीकरण का कार्य पूरा हो चुका है और लिंक भी मुहैया करवा दिया गया है। केंद्र सरकार द्वारा भी अब 6 राज्यों में यह कार्यक्रम शुरू किया गया है।

 
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में जल संरक्षण के उद्देश्य से चलाई जा रही ‘मेरा पानी-मेरी विरासत’ योजना के तहत किसानों को प्रति एकड़ 7 हजार रुपये का प्रोत्साहन दिया जा रहा है जिसके परिणामस्वरूप पिछले एक साल के दौरान धान के रकबे में 80 हजार एकड़ की कमी आई है। इसके तहत, पहले चरण में 1700 तालाबों की सफाई की जाएगी ताकि गांवों का पानी गलियों में न फैले और इसे सिंचाई के लिए इस्तेमाल किया जा सके।

इस परियोजना के तहत 13 जिलों के अत्यधिक भूजल दोहन व निरंतर घटते भूजल स्तर वाले और गंभीर श्रेणी में आने वाले 36 ब्लॉक चुने गए हैं। सेमिनार के दौरान नाबार्ड के मुख्य महाप्रबंधक राजीव महाजन भारतीय रिजर्व बैंक के क्षेत्रीय निदेशक ज्योति कुमार पांडे और एसएलबीसी के कंवीनर एस.ए.पाणिग्रहि ने भी अपने विचार रखे। नाबार्ड के महाप्रबंधक बी.के.बिष्टï ने हरियाणा से जुड़ी नाबार्ड की परियोजनाओं पर प्रस्तुतिकरण दिया।

 
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