Wednesday, January 17, 2018
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Punjab

सुपारी के 35 लाख रुपये लेकर हत्या करने के लिए घूम रहे आठ काबू

October 13, 2017 09:29 AM

 होशियारपुर,12 अक्तूबर ( न्यूज़ अपडेट इंडिया )। पुलिस ने 35 लाख रुपये की सुपारी लेकर हत्या करने की फिराक में घूम रहे कांस्टेबल समेत आठ लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि उन्होंने पेशगी के तौर पर 10 लाख रुपये लिए थे। यह डील कनाडा में रह रहे एक व्यक्ति और जेल में बंद गैंगस्टर के बीच हुई थी। गैंगस्टर से यह जिम्मेदारी अपने साथियों को सौंपी थी। वारदात को अंजाम देने के लिए तीन गुटों में रेकी की जा रही थी कि पुलिस के हत्थे चढ़ गए। उनसे बड़ी संख्या में हथियार और कारतूस भी बरामद हुए हैं। डीआइजी जालंधर रेंज जसकरन सिंह ने बताया कि थाना हरियाना पुलिस ने बुधवार रात लगभग दस बजे ढोलवाहा चौराहे पर नाकाबंदी के दौरान सफेद वरना कार (पीबी-10सीजे-4646) को रुकने का इशारा किया। चालक ने कार रोकने के बजाय पुलिस पर कार चढ़ाने की कोशिश की, पर वह बेकाबू होकर झाड़ियों में जाकर रुक गई। उनको पकड़कर पूछताछ की गई तो चालक की पहचान अमृत सिंह मोहल्ला न्यू कुंदनपुरी लुधियाना के रूप में हुई। इसके अलावा में सवार की पहचान सतनाम सिंह निवासी लोंगोवाल जिला संगरूर, जतिंदर सिंह गांव अंबगढ़ थाना करतारपुर जिला जालंधर (देहाती) और शुभम निवासी लाडोवाल, जिला लुधियाना के रूप में हुई। अमृत सिंह की तलाशी लेने पर उससे 210 ग्राम नशीला पाउडर, सतनाम सिंह उर्फ करोड़ी से एक .32 बोर की पिस्टल, 35 कारतूस व 225 ग्राम नशीला पाउडर बरामद हुआ। कार की जांच करने पर पता चला कि इस पर जाली नंबर प्लेट लगाई गई है। इसका असली रजिस्ट्रेशन नंबर पीबी-10सीजे-4698 है। हरियाना पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।

कनाडा से संगरूर जेल में सीधी होती थी बात

पूछताछ में आरोपियों सतनाम सिंह ने बताया कि संगरूर जेल में बंद गैंगस्टर राजीव राजा निवासी मोहल्ला ताजगंज जिला लुधियाना से उसका मोबाइल फोन पर संपर्क होता है। वह भी एक मामले में संगरूर जेल में बंद था और अदालत में पेशी के दौरान उनकी मुलाकात होती रहती थी। जेल से ही राजा अलग-अलग मोबाइल नंबर से फोन करके संपर्क करता है।

राजा ने कहा था कि उसकी जंग निवासी कनाडा, ज्योति व प्रिंस निवासी खुर्दा के साथ डील हुई है कि दूसरे पक्ष के किसी भी सदस्य को मारने के लिए वह 35 लाख रुपये देंगे। इसकी पहली किस्त दस लाख रुपये लिये थे। इनमें से सात लाख रुपये राजा का एक साथी ले गया और बाकी पैसे सतनाम सिंह, अमृत व शुभम ने आपस में बांट लिए। वारदात को अंजाम देने के लिए इस रेकी करने के लिए वे पिछले कुछ दिनों से आए थे।

तीन दोस्त अलग से कर रहे थे रेकी, वे भी पकड़े

सतनाम के तीन साथी चेतन शर्मा लुधियाना, हेमांक निवासी मोहल्ला सिविल सिटी चंदर नगर लुधियाना व तेजिंदर सिंह निवासी लोंगोवाल जिला संगरूर ने एक अलग स्कूटी पर इलाके की रेकी कर रहे थे। उनको पुलिस ने नहर पुल काहलवां से गिरफ्तार किया। हेमांक की तलाशी लेने पर उससे .12 बोर की देसी पिस्तौल व तीन कारतूस बरामद हुए व एक्टिवा बरामद की।

पूछताछ में पता चला कि इलाके की रेकी अतिंदरपाल निवासी गांव चंडियाला थाना टांडा व हरदीप सिंह निवासी खुर्दा ने करवाई। बरनाला में बतौर कांस्टेबल तैनात अतिंदरपाल सिंह को एक कार सहित अड्डा भीखोवाल से गिरफ्तार किया। हरदीप सिंह की गिरफ्तारी बाकी है।

आरोपियों पर दर्ज मामले

1. राजीव कुमार राजा पर कुल 19 मामले दर्ज है।
2. सतनाम सिंह उर्फ करोड़ी पर 2016 में एनडीपीएस के तहत संगरूर में मामला दर्ज है।
3. अमृत सिंह निवासी न्यू कुंदनपुरी पर आम्र्स एक्ट में थाना हैबोवाल लुधियाना में मामला दर्ज है।
4 अतिंदरपाल सिंह निवासी गांव ढडियाला थाना टांडा के खिलाफ 25 अगस्त, 2014 में चब्बेवाल थाने में एनडीपीएस एक्ट का मामला दर्ज हुआ है।

डीआइजी ने मानी अपनी पुलिस की नाकामी

डीआइजी जसकरन सिंह ने बताया कि राजा जेल के अंदर वाट्सएप पर सारा नेटवर्क चलाता था। पकड़े गए आरोपियों ने भी बताया कि राजा उनसे फोन पर बात करता था। जाहिर है कि जो वाट्सएप जेल के अंदर से चलाता है, तो वह फोन भी करता होगा। राजा पर कुल 19 विभिन्न राज्यों की पुलिस ने दर्ज किए हैं। उसके बाद वह पुलिस की निगरानी में जेल से फोन और वाट्सएप पर आपराधिक गतिविधियों को अंजाम दे रहा है, यह पुलिस की नाकामी है।

चंडीगढ़ में सरपंच की हत्या से जुड़ा है मामला

इसी साल अप्रैल में चंडीगढ़ में खुर्दा के सरपंच सतनाम सिंह की हत्या की गई थी। सतनाम सिंह, ज्योति, प्रिंस और जंग बहादुर का बड़ा भाई था। इससे पहले साल 2013 में सतनाम के छोटे भाई निशान सिंह उर्फ शाने की भी हत्या कर दी गई थी। इस मामले में गांव के प्रदीप सिंह व अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। इसके बाद से ही दोनों गुटों में रंजिश चल रही है। पुलिस का मानना है कि इसी रंजिश में इतनी बड़ी सुपारी की डील हुई। हालांकि अभी पुलिस यह खुलासा करने से परहेज कर रही है कि किस-किस की हत्या करने की सुपारी दी गई थी।

 

 
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