Tuesday, December 12, 2017
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Chandigarh

एचसीएस मुनीष करेंगे ज्वाइन, एसडीएम कृति गर्ग रिलीव

October 13, 2017 09:12 AM

चंडीगढ़,12 अक्तूबर ( न्यूज़ अपडेट इंडिया )   : एचसीएस मुनीष कुमार लोहान की चंडीगढ़ में नियुक्ति पर प्रशासक वीपी सिंह बदनौर ने मुहर लगा दी है। मुनीष लोहान का नाम पर्सोनल डिपार्टमेंट ने पैनल से चुनकर प्रशासक के पास भेजा था। यूटी प्रशासन ने इसकी जानकारी हरियाणा सरकार को देकर लोहान को रिलीव करने के लिए लिख दिया है। अगले सप्ताह तक लोहान यूटी प्रशासन ज्वाइन कर सकते हैं। वहीं, एसडीएम साउथ कृति गर्ग को प्रशासन ने रिलीव करने के आदेश जारी कर दिए हैं। 16 अक्टूबर तक प्रशासन उन्हें रिलीव कर देगा।

कृति गर्ग का ट्रांसफर मई में ही हो गया था, लेकिन अधिकारियों की कमी के कारण प्रशासन ने उन्हें रिलीव नहीं किया था। उनके साथ आइएएस डा. एसबी दीपक कुमार और डा. तपस्या राघव का ट्रांसफर भी किया गया था। इन दोनों को प्रशासन ने तभी रिलीव कर दिया था। एसडीएम कृति गर्ग पर भाजपा पार्षद रविकांत ने बदसलूकी का आरोप भी लगाया था।

इससे पहले दो पीसीएस अधिकारियों की नियुक्ति को भी मंजूरी मिल चुकी है। इनमें पीसीएस अधिकारी अनिल कुमार गर्ग और तेजदीप सिंह सैनी का नाम शामिल है। पंजाब सरकार की ओर से भेजे गए पैनल से यूटी प्रशासन ने इन दोनों अधिकारियों का चयन किया था। पंजाब सरकार ने अभी इन्हें रिलीव नहीं किया है।

एचसीएस विराट को बनाया एसडीएम सेंट्रल

हाल ही में ज्वाइन करने वाले एचसीएस अधिकारी विराट को एसडीएम सेंट्रल लगाया गया है। इन अधिकारियों के आने से भी चंडीगढ़ में अधिकारियों की कमी पूरी नहीं होगी। अभी भी कई अधिकारियों के बदले में अधिकारी नहीं मिले हैं। इन अधिकारियों के लिए पंजाब सरकार से पैनल मांगे गए हैं।

होम सेक्रेटरी के लिए हरियाणा से मांगा फ्रेश पैनल

यूटी प्रशासन ने होम सेक्रेटरी के लिए हरियाणा सरकार से फ्रेश पैनल मांगा है। इससे पहले भेजे गए पैनल में से डी. सुरेश के नाम को फाइनल किया गया था, लेकिन बाद में उन्होंने चंडीगढ़ में ज्वाइन करने में असमर्थता जता दी। इसके बाद प्रशासन ने हरियाणा से नया पैनल मांगा है। मौजूदा होम सेक्रेटरी अनुराग अग्रवाल का कार्यकाल जनवरी में समाप्त हो रहा है। पैनल के चक्कर में काम प्रभावित न हो इसलिए कई महीने पहले ही हरियाणा सरकार से पैनल मांगा गया था। इससे पहले वित्त सचिव का पैनल भी दो महीने पहले मांगा गया था। पैनल नहीं आने के कारण छह महीने बाद यूटी को नए वित्त सचिव मिल पाए थे।

 
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