Tuesday, October 24, 2017
Follow us on
BREAKING NEWS
मोदी ने कहा कठोर क़दम के बाद अर्थव्यवस्था पटरी पर लौटी जम्मू-कश्मीर: कुपवाड़ा में सुरक्षाबलों की आतंकियों से मुठभेड़, एक आतंकी ढेर आज गुजरात दौरे पर राहुल गांधी, कांग्रेस ने दिया हार्दिक पटेल और जिग्नेश मेवानी को खुला न्योता हिमाचल चुनाव: कांग्रेस की अंतिम सूची में वीरभद्र के पुत्र का नाम शामिल खुलेगा पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति केनेडी की हत्या का राज? फाइलें सार्वजनिक करेंगे ट्रंप भारतीय वायुसेना को यह ‘हथियार’ देने पर विचार कर रहा है अमेरिका चीन ने दुनियाभर के नेताओं को दी चेतावनी, दलाई लामा से मुलाकात की तो इसे एक गंभीर अपराध समझा जाएगा इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन में कैमरा लगाने के लिए ऐस्ट्रोनॉट्स ने किया स्पेसवॉक
 
 
 
Haryana

सोनीपत बम धमाका : आतंकी अब्दुल करीम टुंडा को कोर्ट ने सुनाई उम्रकैद की सजा

October 11, 2017 12:45 AM

सोनीपत,10 अक्तूबर ( न्यूज़ अपडेट इंडिया ) लश्कर-ए-तैयबा के आतंकवादी अब्दुल करीम उर्फ टुंडा को 1996 में सोनीपत में हुए सिलसिलेवार दो बम धमाकों के मामले में आज जिला एवं सत्र न्यायालय ने उम्रकैद और एक लाख रूपये जुर्माने की सजा सुनाई। पुलिस में दर्ज केस के अनुसार सोनीपत शहर में 28 दिसंबर, 1996 को दो स्थानों पर बम विस्फोट हुए थे। पहला धमाका शाम 5 बजकर 15 मिनट पर शहर के बस स्टैंड के पास स्थित बावा सिनेमा हॉल में हुआ था। करीब दस मिनट बाद दूसरा धमाका गीता भवन चौक स्थित एक मिष्ठान भंडार के बाहर हुआ था। धमाके में 10 से अधिक लोग घायल हुए थे। पुलिस ने इस संबंध में इंदिरा कालोनी, सोनीपत निवासी सज्जन सिंह के बयान पर मामला दर्ज किया था। सज्जन सिंह ने पुलिस को बताया था कि वह अपने साथी अनिल व विकास के साथ फिल्म देखने आया था। इसी दौरान हुए धमाके में वह तथा 11 अन्य लोग घायल हुए थे। बाद में पुलिस ने इस संबंध में तीन आरोपियों गाजियाबाद निवासी अब्दुल करीम टुंडा एवं उसके दो साथियों अशोक नगर, पिलखुआ निवासी शकील अहमद और अनार वाली गली तेलीवाड़ा, दिल्ली निवासी मोहम्मद आमिर खान को नामजद किया था। पुलिस ने शकील और कामरान को वर्ष 1998 में गिरफ्तार कर लिया था, लेकिन टुंडा घटना के बाद फरार हो गया था। शकील व कामरान को अदालत ने वर्ष 2002 में सबूतों के अभाव में बरी कर दिया था। बाद में अब्दुल करीम टुंडा को दिल्ली पुलिस ने अगस्त, 2013 में नेपाल की सीमा से काबू किया था। सोनीपत में चल रहे मामले में सभी 43 गवाही हुई और बहस कराई गई। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश डॉ. सुशील कुमार की अदालत में आतंकी अब्दुल करीम उर्फ टुंडा के खिलाफ हत्या 307 (हत्या का प्रयास), 120बी (षडयंत्र रचना) व 3,4 एक्सपलासिव एक्ट (बम ब्लास्ट करना) के मामले में उम्रकैद की सजा और एक लाख रूपये का जुर्माना लगाया है। जुर्माना न देने पर उसे एक साल की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।


 
Have something to say? Post your comment