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Chandigarh

राम रहीम प्रकरण : हाईकोर्ट का आदेश, साध्वियों को अभी नहीं मिलेगा मुआवजा

October 09, 2017 10:41 PM

चंडीगढ़, 09 अक्तूबर ( न्यूज़ अपडेट इंडिया ) । पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम द्वारा सजा कम किए जाने की याचिका तथा साध्वियों द्वारा बीस वर्ष की सजा को उम्र कैद में बदले जाने की दोनों याचिकाओं को आज स्वीकार करते हुए सीबीआई को नोटिस जारी कर दिया है। सीबीआई द्वारा नोटिस का जवाब दिए जाने के बाद जहां दोनों केसों की सुनवाई शुरू होगी वहीं हाईकोर्ट ने इन केसों का फैसला आने तक दोनों पीडि़त साध्वियों को मुआवजा दिए जाने पर रोक लगा दी है।


सजा बढ़ाने व घटाने पर दो याचिकाएं स्वीकार, सीबीआई को नोटिस
डेरा मुखी दो माह के भीतर जमा करवाएगा जुर्माना राशि

साध्वी यौन शोषण मामले में सीबीआई की पंचकूला कोर्ट ने बीती 25 अगस्त को दोषी करार देते हुए 28 अगस्त को फैसला सुनाया था। सीबीआई ने राम रहीम को दोनों केसों में दस-दस वर्ष की सजा तथा 15-15 लाख रुपए जुर्माना अदा करने को कहा था। सीबीआई कोर्ट ने इस धनराशि में से 14-14 लाख रुपए दोनों साध्वियों को मुआवजे के रूप में अदा करने के निर्देश जारी किए थे। इस बीच राम रहीम ने सीबीआई कोर्ट के फैसले को पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में चुनौती दे डाली और दूसरी तरफ दोनों साध्वियों ने राम रहीम की बीस वर्ष की सजा को उम्र कैद में बदलने के लिए याचिका दायर कर डाली।

पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने आज इन दोनों याचिकाओं को स्वीकार कर लिया। कोर्ट में बचाव पक्ष के वकीलों ने सजा बढ़ाए जाने वाली याचिका का विरोध करते हुए कहा कि पीडि़तों ने तय समय सीमा के बाद सामने आकर बयान दर्ज करवाए हैं। बयान दर्ज करवाने की कार्रवाई दबाव में हुई है। सीबीआई कोर्ट ने जो सजा दी वह पहले ही ज्यादा है। इस सजा को कम किया जाए। दूसरी तरफ सीबीआई के वकील ने इस केस में अधिक सजा के प्रावधान तथा डेरा मुखी के गिरफ्तार होने के बाद हुए खुलासों का जिक्र करते हुए सजा को बढ़ाने की मांग की। इसके बाद हाईकोर्ट ने दोनों याचिकाओं को स्वीकार करते सीबीआई को नोटिस जारी कर दिया। जिसे सीबीआई ने तत्काल प्रभाव से स्वीकार भी कर लिया है।

हाईकोर्ट ने डेरा मुखी के वकीलों को निर्देश दिए हैं कि वह दो माह के भीतर-भीतर जुर्माने के रूप में तय की गई धनराशि को सीबीआई के पास जमा करवाएं। सीबीआई द्वारा इस धनराशि को किसी राष्ट्रीय बैंक में जमा करवाया जाएगा। इस धनराशि में से मुआवजा तब तक पीडि़त साध्वियों को नहीं दिया जाएगा जब तक आज स्वीकार हुई याचिकाओं पर फैसला नहीं आ जाता है।

 
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