Monday, December 11, 2017
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Chandigarh

राज्यपाल के काफिले की गाड़ियों पर बंदरों का उत्पात

November 30, 2017 11:10 AM

चंडीगढ़,29 नवंबर ( न्यूज़ अपडेट इंडिया )  : यूटी सेक्रेटेरिएट में बुधवार को पंजाब के राज्यपाल एवं यूटी प्रशासक वीपी सिंह बदनौर फाइलों का रिव्यू करने पहुंचे। उनके पहुंचने के साथ ही सेक्रेटेरिएट के आसपास बंदरों का झुंड भी सक्रिय हो गया। बंदरों ने राज्यपाल के काफिले की गाड़ियों पर जमकर उत्पात मचाया। एक गाड़ी से दूसरी गाड़ी पर बंदर लगातार उछल कूद करते रहे। कई बंदर तो सेक्रेटेरिएट में मेन गेट के सामने खड़ी प्रशासक की गाड़ी के पास भी पहुंच गए। एक बंदर तो मेटल डिटेक्टर मशीन के अंदर भी खड़ा रहा। एक साथ सौ से अधिक बंदरों ने सिक्योरिटी स्टाफ के भी होश फाख्ता कर दिए। बंदरों के झुंड में 15 से 20 बच्चे भी शामिल थे। झुंड में बच्चे ही सबसे ज्यादा शोर मचा रहे थे। बंदरों के बीच में होने का यह नजारा एकदम ऐसा था जैसे किसी वाइल्ड लाइफ सेंक्चुरी में घूम रहे हों। बंदरों को देखकर स्टाफ को आते-जाते भी डर महसूस हो रहा था। कई बार तो ऐसा लगा जैसे ये हमला करेंगे।

सप्ताह पहले पिंजरे में फंस गया था बच्चा

यूटी सेक्रेटेरिएट में बंदरों को पकड़ने के लिए एक पिंजरा लगा रखा है। पिछले सप्ताह इस पिंजरे में बंदर का एक बच्चा फंस गया था। अपने साथी को पिंजरे में बंद देख यहां बंदरों का झुंड इकट्ठा हो गया था। इसके बाद बंदरों ने काफी शोर मचाया और पिंजरे को खोलने की हर संभव कोशिश की। बंदर इतने थे कि कोई इनके पास जाने की हिम्मत भी नहीं जुटा पा रहा था। स्थिति बिगड़ती देख सुरक्षाकर्मियों ने डंडे की मदद से पिंजरे को खोलकर बंदर के बच्चे को छोड़ दिया।

डिपार्टमेंट की कार्यप्रणाली पर सवाल

फॉरेस्ट एंड वाइल्ड लाइफ डिपार्टमेंट की यह जिम्मेदारी होती है कि वह रेजिडेंशियल एरिया में जंगली जानवरों का प्रवेश रोके। लेकिन, बंदरों की संख्या रेजिडेंशियल एरिया में लगातार बढ़ती जा रही है। सेक्टर-9 में इनकी काफी सक्रियता रहती है। कई बार सेक्रेटेरिएट के अंदर ही लोगों पर बंदर हमला कर चुके हैं। वाहनों पर रखे सामान को भी बंदर ले जा चुके हैं। बंदरों को रेजिडेंशियल अर्बन एरिया में आने से रोकने के लिए फलों के हजारों पौधे सुखना वाइल्ड लाइफ सेंक्चुरी में लगाए गए थे। उसके बाद भी बंदर आए दिन पॉश इलाके में पहुंच रहे हैं।

यहां करें बंदर आने की शिकायत

रेंज फॉरेस्ट ऑफिसर वाइल्डलाइफ स्क्वायड- 7087041948

फॉरेस्ट एंड वाइल्ड लाइफ इंस्पेक्टर- 9914167444, 9216428398

फॉरेस्ट गार्ड- 9915127299

लैंडलाइन नंबर- 0172-2700217

बंदर से ऐसे बचें

- बंदरों से सीधी आंखें कभी न मिलाएं।

- कभी भी मां और बच्चे के बीच से न गुजरें।

- बंदरों को परेशान न करें, उसको अकेला छोड़ दें।

- बंदरों के झुंड के पास भागना नहीं चाहिए। आराम से दबे पांव गुजरें।

- कभी भी घायल या मृत बंदर के पास न जाएं।

- बंदर को कभी भी खाने की वस्तु न डालें। ऐसा करने पर कानूनी कार्रवाई भी हो सकती

 
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