Monday, December 11, 2017
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Chandigarh

सीबीआइ ने 11 घंटे तक खंगाला ईडी के पूर्व डिप्टी डायरेक्टर का घर

November 30, 2017 11:09 AM

चंडीगढ़ ,29 नवंबर ( न्यूज़ अपडेट इंडिया )  सीबीआइ की टीम ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के चंडीगढ़ जोन के पूर्व डिप्टी डायरेक्टर के सेक्टर-38 स्थित मकान को करीब 11 घंटे तक खंगाला। सूत्रों के अनुसार टीम ने करोड़ों रुपये की प्रॉपर्टी के दस्तावेज जब्त किए हैं। सीबीआइ ने आय से अधिक संपत्ति बनाने के मामले में गुरनाम सिंह के खिलाफ केस दर्ज किया है। वह वीरवार को उनका रिटायर हो रहे हैं। मामले की जांच सीबीआइ की 10 सदस्यीय टीम कर रही है।

सीबीआइ के सूत्रों के अनुसार ईडी के पूर्व डिप्टी डायरेक्टर गुरनाम सिंह के मकान में मंगलवार सुबह करीब 11.40 बजे छापा मारा गया। टीम ने परिवार के सदस्यों से गुरनाम के बारे पूछा तो उन्होंने बताया वह बाहर गए हैं। टीम ने गुरनाम के घर में रखे सभी दस्तावेजों को खुलवाकर चेक किया। इस दौरान प्रॉपर्टी संबंधी दस्तावेजों को कब्जे में ले लिया। इन दस्तावेजों को सीबीआइ अपने स्तर पर वेरिफाई करने के बाद केस में शामिल कर सकती है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार गुरनाम सिंह पर 2012 से 2017 के बीच 1.5 करोड़ की अवैध संपत्ति बनाने का आरोप है। आरोप है कि उन्होंने अपने पद का दुरुपयोग करके अवैध प्रॉपर्टी बनाई है।

ईडी में बने रहने की याचिका खारिज चंडीगढ़ के इनफोर्समेंट डायरेक्टोरेट (ईडी) जोन के डिप्टी डाइरेक्टर गुरनाम सिंह को वापस भेजे जाने के खिलाफ गैर सरकारी संस्था लायर्स फॉर ह्यूमन राइट्स इंटरनेशनल ने हाईकोर्ट में अर्जी दायर की थी। याचिका में संस्था ने कहा था कि गुरनाम सिंह 2012 में ईडी चंडीगढ़ जोन के डिप्टी डाइरेक्टर पद पर नियुक्त हुए थे। वह पंजाब के हजारों करोड़ रुपये के ड्रग रैकेट और मल्टी करोड़ रुपये के मनी लाड्रिंग के केस की जांच से जुड़े हुए हैं। अब उन्हें जांच के बीच से ही वापस भेज जा रहा है। ऐसे में इन बेहद महत्वपूर्ण मामलों की जांच प्रभावित हो सकती है। हाईकोर्ट ने सोमवार को गुरनाम सिंह को वापस भेजे जाने के फैसले पर रोक लगाने से इन्कार कर दिया।

आज होना है सेवानिवृत

पहले गुरनाम सिंह डायरेक्टोरेट ऑफ फोरेंसिक साइंसेस में कार्यरत थे। उन्हें चंडीगढ़ ईडी जोन में डेपुटेशन पर भेज गया था। वीरवार को वह सेवानिवृत होंगे।

आरोपों में परिवार सहित की ये सम्पत्ति आई सामने-

गुरनाम सिंह चंडीगढ़ में मार्च 2012 से 31 जनवरी 2017 तक कार्यरत रहे। मार्च 2012 तक उनकी संपत्ति 12.8 लाख थी। 2014 में उन्होंने मोहाली में 95 लाख रुपये का प्लॉट खरीदा। इसके बाद 2016 में मोहाली में ही पत्नी दिलीप कौर के नाम पर 76 लाख रुपये में एक दुकान खरीदी। इसके अलावा इको सिटी में अपने बेटे सुखमनजीत सिंह के नाम पर 76 लाख का प्लॉट भी खरीदा है।

कब तक हो सकती है गिरफ्तारी, सीबीआइ ने नहीं किया साफ

क्या इस मामले में गुरनाम सिंह की गिरफ्तारी होनी है और अगर हां तो गिरफ्तारी कब तक होगी? इस सवाल पर सीबीआइ अधिकारियों का 'नो कमेंट' जवाब रहा है। सूत्रों की मानें तो सीबीआइ मामले में पुख्ता सुबूत जुटाने के बाद ही आगे की कार्रवाई करेगी।


 
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